बिकरू कांड के सरगना विकास दुबे की पत्नी से खरीदी गई होजरी फैक्टरी पुलिस-प्रशासन ने शनिवार को जब्त कर सील कर दी। हरिहरनाथ नगर, शास्त्री नगर में 185 वर्गमीटर में फैली यह फैक्टरी गिरीश दयाल ने 2012 में खरीदी थी। करीब 96 लाख रुपये की इस संपत्ति पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
काकादेव पुलिस को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिकरू कांड के बाद विकास दुबे, उसकी पत्नी समेत परिवार वालों व उसके गुर्गों की संपत्ति की पुलिस ने पहचान की थी। गैंगस्टर एक्ट के तहत अब तक 15 संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। हरिहरनाथ नगर की यह फैक्टरी भी चिह्नित की गई थी।
गिरीश इस फैक्टरी में होजरी का काम कर रहे थे। शनिवार को जब चौबेपुर पुलिस व तहसीलदार सदर फैक्टरी पहुंचे तब वहां काम चल रहा था। गरीश ने बताया कि 25 लाख रुपये में फैक्टरी खरीदी थी। पैसे चेक के माध्यम से दिए गए थे। अब तो रोजी रोटी की भी मुसीबत हो जाएगी। उनका कहना है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं।
उठे सवाल
इस संपत्ति को जब्त करने के साथ ही सवाल भी खड़े हो गए हैं। गिरीश दयाल ने बताया फैक्टरी रिचा दुबे के नाम पर थी और बिकरू कांड के पहले खरीदी थी। वहीं जिलाधिकारी स्तर सेे जारी आदेश में हवाला दिया गया है कि उच्च न्यायालय में वाद दाखिल होने के कारण यह संपत्ति अटैच नहीं की जा सकी थी। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से उच्च न्यायालय में योजित वाद में दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रस्तुत प्रत्यावेदन को निरस्त कर शनिवार को इसका निस्तारण किया गया।
हाईकोर्ट तक गए गिरीश
एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि इसमें गिरीश दयाल हाईकोर्ट तक गए। वहां से डीएम को मामला निस्तारित करने का आदेश दिया गया। इसके बाद डीएम कोर्ट में अपील की, जिसे खारिज कर संपत्ति जब्त करने का आदेश हुआ।