कानपुर देहात। बिकरूकांड में मंगलवार को आरोप निर्धारण पर बहस के दौरान कई आरोपियों के अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुए। जिसके चलते सुनवाई टल गई। इस मामले में सुनवाई की तारीख 31 मार्च तय की गई है।
बिकरू गांव में दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर फायरिंग की गई थी। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को आरोपियों पर आरोप निर्धारण को लेकर बहस होनी थी। कोर्ट ने सभी आरोपियों को तलब किया था। इससे तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी, तत्कालीन दरोगा केके शर्मा, विकास दुबे का खंजाची जय बाजपेई, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी, श्यामू बाजपेयी, जहान यादव, दयाशंकर, शिव तिवारी, रामू बाजपेयी, बउवन शुक्ला, बालगोविंद, सुरेश वर्मा, प्रशांत शुक्ला, शिवम् दुबे, राजेंद्र मिश्रा, बबलू मुसलमान, अखिलेश दीक्षित समेत 36 आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
इनमें से कई आरोपियों के अधिवक्ता अदालत में बहस के लिए उपस्थित नहीं हुए। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि बिकरूकांड में कई आरोपियों के अधिवक्ता बहस के हाजिर नहीं हुए। आरोप निर्धारण के लिए अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 31 मार्च तय की है।