फतेहपुर के चौडगरा-घाटमपुर मुगलमार्ग पर भीषण सड़क हादसा हुआ। टैंकर की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए। दर्दनाक हादसे में 10 की मौत हो गई। एक घायल है। मृतकों में तीन बच्चों समेत दो परिवारों के लोग शामिल हैं।
फतेहपुर के जहानाबाद इलाके में चौडगरा-घाटमपुर मुगलमार्ग पर चिल्ली मोड़ पर मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे दूध के टैंकर और ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची ने कानपुर के हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों में एक परिवार भी शामिल है, जोकि सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कानपुर देहात से आ रहा था।
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इटावा जिले की फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के बंगाली कॉलोनी निवासी अनिल (38) की कानपुर देहात थाना क्षेत्र के मूसानगर में ससुराल है। वह परिवार के साथ करीब 15 दिन से ससुराल में थे। अनिल के बड़े भाई सुरेश के पुत्र शिवा की जहानाबाद थाने के लालूगंज निवासी मुन्ना लाला की बेटी के साथ मंगलवार को सगाई होनी थी।
सगाई में शामिल होने के लिए अनिल (38), पत्नी यशोदा (35), बेटी पल्लवी (7), सौम्या (5), बेटा लव (छह माह), दिल्ली निवासी नाना अशर्फीलाल (60), ससुर बहादुर (52) ऑटो से लालूगंज जा रहे थे। इनके अलावा ऑटो में कानपुर देहात के गजनेर निवासी फरहान व उनकी पत्नी शहनाज व पुत्री इनायत (2) भी सवार थे। ऑटो घाटमपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के कोटद्वार निवासी चालक अर्जुन सैनी (26) चला रहा था।
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ऑटो जब चिल्ली मोड़ पर पहुंचा तभी चौडगरा से घाटमपुर मार्ग की ओर जा रहे तेज रफ्तार टैंकर ने सामने से टक्कर मार दी, जिससे ऑटो के परखच्चे के उड़ गए। हादसे में सौम्या और बहादुर को छोड़कर सभी की मौके पर ही मौत हो गई। टैंकर छोड़कर चालक भाग निकला। दोनों घायलों को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान सौम्या ने भी दम तोड़ दिया।
फतेहपुर के जहानाबाद में चिल्ला मोड़ के पास हादसा
मूसानगर के रसूलपुर गांव निवासी बहादुर (55) की बेटी जशोदा (35) की शादी इटावा के बंगाली कालोनी निवासी अनिल के साथ हुई थी। जशोदा अपने परिवार और अनिल के नाना अशर्फी लाल के साथ दिल्ली से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए पांच दिन पहले रसूलपुर गांव आई थी। बहादुर की बहन किरन ने बताया कि भाई अपनी बेटी के परिवार और रिश्तेदार के साथ मंगलवार को फतेहपुर के जहानाबाद निवासी एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में जा रहे थे।
सभी लोग सवारी वाहन से कानपुर नगर के घाटमपुर पहुंचे। वहां से एक ऑटो पर बैठकर जहानाबाद जा रहे थे। जहानाबाद के चिल्ला मोड़ के पास तेज रफ्तार दूध टैंकर ने ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो पर सवार बहादुर की बेटी जशोदा, दामाद अनिल (38), नाती लव उर्फ छोटू (छह माह), नातिन पल्लवी (7) व अशर्फीलाल (60) की मौत हो गई।
बहादुर घायल हो गए। इन सभी के घर से निकलने के दो घंटे बाद ही पांच लोगों की मौत की खबर मिली तो परिवार के लोग बेहाल हो गए। घटना के बाद परिवार व गांव के कई लोग मौके पर रवाना हो गए। इससे गांव में सन्नाटा पसर गया। किरन ने बताया कि परिजन व रिश्तेदार पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को मृतकों के शव लेकर गांव आएंगे।
भगवान अब कैसे जिंदा रहेंगे, शादी बन गई काल
मूसानगर में बहादुर की बहन किरन ने बताया कि सभी पत्थर काटने का काम करते हैं। सिलबट्टा, चकिया आदि बनाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। हादसे से बाद सब कुछ बर्बाद हो गया है। पांच दिन पहले ही रिश्तेदार घर पर आए थे। किरन परिजनों को याद कर रोते हुए बेसुध हो जा रही थी। होश में आने के बाद कहती है कि भगवान अब कैसे जिंदा रहेंगे। शादी काल बनकर आई। हादसे ने सभी की जान ले ली।
बीते साल भी बची थी परिवार की जान
दो नवंबर 2022 को अनियंत्रित ट्राला कार से टकराकर बहादुर के घर में घुस गया था। इससे उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन घर में मौजूद सभी लोग सुरक्षित बच गए थे। किरन ने बताया कि उनका घर सड़क से बहुत गहराई में है और कच्चा भी है। कई बार मुगल रोड से वाहन अनियंत्रित होकर में घर में घुस जाते हैं।
साथ ही आसपास और भी लोगों के घर गहराई में हैं। इससे जान का खतरा हमेशा बना रहता है। आवास के लिए आवेदन बहुत बार किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आवास के साथ उनकी जगह पर मिट्टी की पुराई कराकर सड़क के समतल किया जाए, ताकि हादसे न हो सकें।
केंद्रीय व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने जताया दुख
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त कर हर संभव मदद के लिए कहा है। वहीं, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हादसा दुखद है। मृतकों के परिजनों के साथ उनकी संवेदना है। प्रदेश सरकार दुख की घड़ी में परिजनों के साथ है। घायलों के इलाज पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एक दशक पहले दो हादसों की ग्रामीणों के बीच याद हुई ताजा
जहानाबाद में एक दशक पहले दो बड़े हादसे हुए थे। ग्रामीण इस हादसे को देखकर उन्हें याद करने लगे। वर्ष 2012 में अमौली रोड पर दशहरा के दिन एक बस हाईटेंशन लाइन के नीचे खड़ी थी। हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर बस पर गिरा था। बस धू-धूकर जलने लगी थी। बस में बैठे नौ यात्रियों की मौके पर मौत हो गई थी। इसके अलावा करीब आधा दर्जन लोग बुरी तरह झुलस गए थे।
दूसरा हादसा वर्ष 2015 में हुआ था। यह सड़क हादसा चिल्ली मोड़ के पहले हुआ था। कहा जाता है कि मंगलवार को जहां टैंकर ने ऑटो को टक्कर मारी है, यह वही जगह है। 2015 में ट्रैक्टर रोड लाइट के सामान के साथ मजदूरों को लेकर जा रहा था। ट्रक की टक्कर से सात की मौत हो गई थी।