विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने फिर से बड़ा फेरबदल किया है। इस बार प्रत्याशियों के साथ जोन और जिला स्तर के संगठन पदाधिकारी भी हटाए गए हैं। कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी दी गई है।
कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन पर कई मामलों में मुकदमे भी दर्ज हैं। उन्हें भी यूपी 17 के लिए प्रत्याशी बना दिया गया है। गोविंदनगर विधानसभा में बसपा ने फेरबदल करते हुए ब्राह्मण नेता को टिकट दिया है। इसमें इस सीट पर वर्तमान भाजपा विधायक और दूसरे प्रत्याशियों के सामने आने वाले समय में दिक्कत आ सकती है। इससे पहले इस सीट पर पिछड़ी जाति को टिकट दिया गया था।
मंडल की बसपा इकाई में पिछले एक साल में अब तक 27 लोगों को पद या फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इस बार के फेरबदल में पार्टी से तो किसी को नहीं निकाला गया, लेकिन पद से कई लोग हटा दिए गए। कुछ दिनों पहले ही जोनल कोआर्डिनेटर की भूमिका में आए सतीश जाटव को हटाकर भाई चारा कमेटी में भेज दिया गया।
इसी तरह गोविंदनगर विधानसभा के प्रत्याशी अरविंद विश्वकर्मा को हटाकर उनकी जगह पूर्व प्रत्याशी निर्मल तिवारी को टिकट दे दिया गया है। जबकि कल्याणपुर विधानसभा सीट पर कुछ दिन पहले जिला पंचायत सदस्य बने दीपू निषाद को टिकट दिया गया।
इसी तरह नगर इकाई जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी फजलगंज निवासी पार्टी नेता प्रशांत दोहरे को दी गई है। अभी तक जिलाध्यक्ष रहे रामकृष्ण भाष्कर को मंडल कोआर्डिनेटर बनाकर इटावा भेजा गया है। हटाए गए लोग खुलकर तो सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे से संगठन में नई जिम्मेदारी संभालने वालों की पोल भी खोल रहे हैं।