ब्रह्मपुत्र मेल (15657) शनिवार को बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई। दरअसल, ट्रेन के एसी कोच की स्प्रिंग टूट गई थी। इसे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बदला गया। इसके चलते ट्रेन नौ घंटे की देरी से प्लेटफार्म नंबर छह पर आई।
कानपुर में नई दिल्ली से तिनसुकिया जा रही ब्रह्मपुत्र मेल (15657) शनिवार को हादसे का शिकार होने से बच गई। पनकी स्टेशन के पास थर्ड एसी कोच बी-3 में एक्सल स्प्रिंग टूटी होने का एहसास ड्राइवर और चेकिंग दल को हुआ।
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सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर कैरिज एंड वैगन विभाग के तकनीकी दल को जांच में स्प्रिंग टूटी मिली। इसके बाद कोच बदला गया। कोच में 80 यात्री सवार थे। ट्रेन स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर छह पर दोपहर 1:06 बजे आई थी और शाम चार बजे रवाना हुई। स्प्रिंग टूटने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
इंजीनियरों ने बताया कि कोच की बेसिक स्प्रिंग टूटी थी। इस स्प्रिंग का काम पहियों में जर्क लगने पर बैलेंस करना होता है। ऐसा न होने कोच बीच से अलग हो सकता है और बेपटरी भी होने की आशंका रहती है। कानपुर सेंट्रल के एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोच के यात्रियों को तीन घंटे तक वेटिंग रूम में बैठाया गया।
उन्होंने बताया कि स्प्रिंग का कुछ हिस्सा टूटकर कहीं रास्ते में गिर गया था। इसलिए कोच बदलने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। कोच की बेसिक स्प्रिंग टूटी थी। इसे इंजीनियरों के द्वारा बदलकर ट्रेन को तुरंत रवाना कर दिया गया।