कानपुर। लाल इमली मिल और उसके कर्मचारियों का भविष्य अब ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन बोर्ड तय करेगा। जून में 17 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद मिल में 96 कर्मचारी शेष रह जाएंगे। कर्मचारियों की संख्या 100 से कम होने पर बोर्ड स्वयं निर्णय ले सकेगा।
वर्तमान में मिल में 113 कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत हैं। कर्मियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज घोषित किया जा सकता है। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है और सभी का ब्योरा मांगा गया है। लाल इमली मिल में वर्ष 2013 से उत्पादन बंद है। मिल बंदी की तैयारी कई सालों से चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल चलाने के लिए पैकेज की घोषणा की थी लेकिन अब तक कोई पैकेज नहीं मिला है।
लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि बीआईसी बोर्ड की बैठक जल्द होगी। मिल बंदी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कर्मचारियों की संख्या 100 से नीचे आने पर कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। कपड़ा मंत्रालय ने मिल के सभी कर्मियों का ब्योरा मांगा है। पूर्व में आए 87.42 करोड़ रुपये में से बची रकम से अवकाश नकदीकरण और बोनस का भुगतान संभव है।