कानपुर देहात। भूलेख पोर्टल बुधवार को चला। हालांकि यह पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। कई गाटों की खतौनी प्रिंट न होने की दिक्कत बनी है। इससे किसानों को मायूस लौटना पड़ा।
भूलेख पोर्टल का बीते गुरुवार को मेंटीनेंस शुरू हुआ था। इसके बाद से खतौनी निर्गत नहीं हो रही थीं। वहीं वरासत, अमलदरामद, जमानत और बैनामा आदि के काम अटकने से लोग परेशान हो रहे थे। बुधवार को भूलेख पोर्टल चल गया। सभी छह तहसीलों में खतौनी काउंटर पर आवेदन लिए गए। हालांकि पोर्टल पूरी तरह से ठीक न होने से कई गाटों की खतौनी प्रिंट नहीं हो सकीं। इस पर पहले तो किसान घंटों इंतजार करते रहे। खतौनी प्रिंट न होने की ऑपरेटर ने दिक्कत बताई। इस पर लोग मायूस लौट गए।
जानकारों का कहना है कि भूलेख पोर्टल मेंटीनेंस की वजह से अभी दिक्कत बनी है। कई गाटों की खतौनी अभी नहीं निकल पा रही है। इसकी वजह से सभी छह तहसील में दिक्कत बनी हुई है। खतौनी प्रिंट करने पर स्क्रीन पर नोटीफिकेशन आ रहा है। अकबरपुर तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो विनोद मिश्र ने बताया कि बुधवार को ऑनलाइन वरासत कार्य शुरू हो गए। अमल दरामद कार्य नहीं हो सके। एसडीएम अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से पोर्टल में दिक्कत है। बुधवार को खतौनी निकलना शुरू हो गई है। एक दो दिन में पोर्टल पहले की तरह काम करने लगेगा इसकी उम्मीद है।
................
इन गाटों की प्रिंट नहीं हो रही खतौनी
गहोलिया में गाटा संख्या 381, 567 मिलजुमला, गाटा संख्या 371 मिलजुमला, गाटा संख्या 382 मिलजुमला, नागिन जसी में गाटा संख्या 587, सरायां में गाटा संख्या 706, करसा में गाटा संख्या 354 मिलजुमला, 340 मिलजुमला, 341 क व 341 व कोरवा खुर्द में गाटा संख्या 612 आदि की खतौनी प्रिंट नहीं हो रही हैं।