कानपुर देहात। भूलेख पोर्टल का सर्वर कई दिन से सुस्त है। इसकी वजह से तहसील कोर्टों के आदेशों का खतौनियों में अमल दरामद (आदेश अंकित करना) अटका है। इधर आवेदन कर घंटों इंतजार के बाद लोगों को खतौनी नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
तहसीलों में जमीन के जुड़े प्रकरणों में एसडीएम, तहसीलदार या नायब तहसीलदार की कोर्ट के आदेशों को खतौनी में दर्ज किया जाता है। भूलेख पोर्टल का सर्वर पांच दिन से ठीक से काम नहीं कर रहा है। सुबह दस बजे लोग जरूरत पर खतौनी निकलवाने तहसील पहुंचते हैं लेकिन सर्वर की दिक्कत से घंटों इंतजार के बाद खतौनी मिल पा रही है। कई बार लोगों को दूसरे दिन खतौनी मिल पा रही है।
अकबरपुर तहसील में शनिवार को भूलेख पोर्टल के दगा देने की वजह से खतौनी लेने आए लोग घंटों इंतजार करते रहे। दोपहर करीब 12 बजे पोर्टल चला लेकिन गति सुस्त रही। ऑपरेटर पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि कई दिन से पोर्टल का सर्वर सुस्त है। इससे दिक्कत है। तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि करीब पांच दिन से भूलेख पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसकी वजह से कोर्ट के आदेश अमल दरामद नहीं हो पा रहे हैं। खतौनी निर्गत करने में भी परेशानी हो रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही पोर्टल का सर्वर ठीक होने की उम्मीद है।