कानपुर। नवाबगंज के जागेश्वर धाम में नामी पहलवानों के बीच बिना दो-दो हाथ किए कुश्ती का मुकाबला विवादों में घिर गया। सोमवार दोपहर अखाड़े में पहलवानों के बीच जोर आजमाइश चल रही थी। अचानक भारत केसरी पहलवान विनायक पहलवान ने भूटान के पहलवान चिमचिम डोगरा को ललकार दिया।
आयोजकों ने उन्हें रजिस्ट्रेशन न होने की बात कह बाहर कर दिया। इस दौरान विवाद बढ़ने पर पुलिस बुलाई गई। भारत केसरी ने चिमचिम के न आने के आरोप लगाए, वहीं आयोजकों का कहना है कि भूटान के पहलवान के पैर में चोट लगी थी, जिसकी वजह से वह अखाड़े में नहीं उतरे। झींझक के अविनाश ने भी चिमचिम को कुश्ती के लिए ललकारा था। उन्हें भी आयोजकों ने मनाकर दिया।
विनायक पहलवान ने आरोप लगाया कि कमेटी के लोग इनाम नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्हें चिमचिम डोगरा से कुश्ती नहीं लड़ने दी गई। उन्होंने दंगल में पहुंचकर डोगरा को मुकाबले के लिए खुली चुनौती दी थी। उन्हें कमेटी ने रजिस्ट्रेशन नहीं होने का हवाला देते हुए मुकाबले की अनुमति देने से इनकार कर दिया। ऐसा लगता है कि चिमचिम डोगरा शहर में ही नहीं आए हैं।
दंगल के संयोजक जितेंद्र पांडेय ने बताया कि आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। थोड़ी देर के लिए विवाद जरूर हुआ था। कुछ लोग दंगल का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे सफल नहीं होने दिया गया। बिना रजिस्ट्रेशन किसी पहलवान को मुकाबले में उतारना आयोजन के नियमों के खिलाफ था। इसी वजह से विनायक पहलवान को कुश्ती लड़ने की अनुमति नहीं दी गई। भूटान से आने वाले पहलवान चिमचिम डोगरा अखाड़े में नहीं उतरे। उनके पैर में चोट लगने की जानकारी मिली है। विनायक पहलवान के चैलेंज के बावजूद डोगरा के साथ मुकाबला नहीं हो सका।