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पैडवूमेन बनीं बेटियां, स्टार्टअप संग दे रहीं सुरक्षा का संबल

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फर्रुखाबाद। महिलाओं की स्थिति के प्रति संवेदनशीलता और आत्मनिर्भर बनकर परिवार की मदद करने की चाहत ने दो सहेलियों को व्यवसाय की राह दिखा दी। फतेहगढ़ के नवदिया निवासी प्रीति ने हाथरस की विनोद विहार कॉलोनी निवासी सहेली अर्चना सिंह के साथ शर्व वूमेंस केयर संस्था शुरू की। महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता की मुहिम चलाते-चलाते दोनों सहेलियों ने सेनेटरी पैड्स का स्टार्टअप शुरू कर दिया। करीब ढाई माह में ही हाथरस, अलीगढ़, मथुरा के बाद बीते सप्ताह फर्रुखाबाद में भी संस्था के सेनेटरी पैड्स की डोर-टू-डोर डिलीवरी शुरू हो गई है। इसके जरिए महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
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सेना में नायब सूबेदार अवधेश कुमार की बेटी प्रीति ने 2016 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगरा में मार्केटिंग की नौकरी शुरू की। अर्चना से मित्रता हुई तो महिलाओं से जुड़ा कुछ नया करने का विचार बनाया। बचत व बैंक से लोन लेकर हाथरस में सेनेटरी पैड्स का स्टार्टअप शुरू किया। कोरोना के दौर में मई में उत्पादन की शुरुआत की। डोर-टू-डोर डिलीवरी देने के लिए कमीशन के आधार पर जरूरतमंद युवतियों और महिलाओं को जोड़ा। करीब ढाई माह में करीब छह हजार पैड्स की बिक्री हो चुकी है। प्रीति ने कहा कि आज के दौर में महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना खुशहाल समाज की बड़ी आवश्यकता है। महिलाएं कमाएंगी तो पूरे परिवार का संबल बनेंगी। इसीलिए पैड्स को डोर-टू-डोर पहुंचाने के लिए केवल महिलाओं, युवतियों को जोड़ा है। पैड्स उपलब्ध कराने के साथ ही मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं, व्यक्तिगत स्वच्छता आदि के लिए जागरुक भी किया जाता है।
अर्चना ने गोद ले ली बेटी
कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ दोनों सहेलियों ने अनूठा काम किया है। प्रीति ने बताया कि अर्चना ने गर्भ से ही एक कन्या को गोद ले लिया। एक दंपति के 2 बेटियां थीं। तीसरी बेटी के लिए वह तैयार नहीं थे। इस पर अर्चना ने उनसे कहा कि बेटा हो तो आपका, बेटी हुई तो हमारी। जब बेटी हुई तो उसने कन्या को गोद ले लिया।
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