उत्तर प्रदेश में बेतहाशा पशु कटान पर भाजपा सरकार के सत्तासीन होने के बाद पहले दिन से ही असर दिखने लगा। बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई से यूपी की नई योगी सरकार को होने वाले नफा और नुकसान के बारे में शायद किसी को नहीं पता होगा।
पशुओं पर काम करने वाली एनजीओ की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में 355 बूचड़खाने हैं। जिनमें 40 बूचड़खाने अवैध रूप से चल रहे हैं। शहरों की अगर बात की जाए तो मेरठ में 4, अलीगढ़ में 3, उन्नाव में 4, कानपुर में 3, सहारनपुर में 2 समेत तमाम जिलों में साढ़े तीन सौ से ज्यादा स्लाटर हाउस संचालित हैं। इस रोजगार से 15-20 हजार लोग जुड़े हैं। स्लाइटर हाउसों पर बैन लगने से हजारों परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट आ सकता है। लेकिन इससे भी बड़ी बात तो यह है कि हर साल इन बूचड़खानों से यूपी सरकार को 11 हजार 350 करोड़ रुपये की कमाई होती है। बैन के बाद हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उत्तर प्रदेश की नई योगी सरकार को उठाना पड़ सकता है।