कानपुर। सरकारी दफ्तरों में योजनाओं का लाभ पाने के लिए महिला लाभार्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यही तस्वीर इस समय जिले में विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की है। महीनों से लाभ के इंतजार में महिलाएं लगातार विभागों के चक्कर काट रही हैं लेकिन उन्हें न तो पेंशन मिल पा रही है और न ही योजना की किस्त।
समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित पारिवारिक लाभ योजना का लाभ परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद परिजनों को दिया जाता है। योजना के तहत परिजनों को 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस वित्तीय वर्ष करीब 667 को लाभ मिल चुका है लेकिन दो हजार से अधिक लाभार्थियों का भुगतान होना बाकी रह गया है। कल्याणपुर की रहने वाली पुष्पा अवस्थी के पति लवकुश अवस्थी की मृत्यु जुलाई 2024 में हो गई थी। पत्नी ने पारिवारिक लाभ योजना का लाभ पाने के लिए सितंबर माह में आवेदन कर दिया था लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
पति की मृत्यु के बाद जिला प्रोबेशन विभाग की तरफ से संचालित विधवा पेंशन में महिला लाभार्थी को एक हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक तिमाही तीन हजार रुपये उनके खाते मे भेजे जाते हैं। ब्लाक से लेकर सदर तहसील स्तर पर करीब 2100 आवेदन जांच के लिए लंबित पड़े हैं। ग्वालटोली की रहने वाली आयशा बानो को 2017 से विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा था। वर्ष 2022 से अचानक पेंशन आना बंद हो गई। चालू कराने के लिए आयशा ने कई बार विभाग के चक्कर काटे लेकिन आज तक पेंशन नहीं चालू हो सकी।
जिला कार्यक्रम विभाग की तरफ से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पांच हजार रुपये की सहायता दी जाती है। जिसमें वर्तमान में जिले में 500 आवेदन लंबित पड़े हैं। सरसौल ब्लाक की रहने वाली रूबीना ने मातृवंदन योजना के लिए जुलाई में आवेदन किया था। ब्लाक स्तर पर हुए सत्यापन में पात्र मिलीं पर अभी तक सहायता नहीं मिली है।