कानपुर देहात। बेहमई कांड में अब 16 मार्च को सुनवाई होगी। मामले की मूल केस डायरी न मिलने के कारण सोमवार को भी सुनवाई टल गई। 40 साल से तारीख पर तारीख मिलने से न्याय के इंतजार में बैठे लोगों में निराशा है।
सोमवार को मामले में आरोपी भीखा और विश्वनाथ अदालत पहुंचे। बता दें कि 14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। फूलन को शक था कि सजातीय डाकू लालाराम को गांव के लोग संरक्षण दे रहे हैं। इस घटना की मुख्य आरोपी फूलन देवी की भी हत्या हो चुकी है। वहीं, वादी राजाराम सिंह का बीमारी से निधन हो चुका है। घ्
ाटना में मारे गए लोगों के परिजन न्याय के लिए चालीस साल से न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें तारीख पर तारीख दी जा रही है। चर्चित मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जब फैसले की उम्मीद लगाई, तो कोर्ट की पत्रावली में मूल केस डायरी नहीं मिली। केस डायरी की जांच के लिए डीजीपी ने तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम को भी जांच में कुछ सुराग नहीं मिला। जांच टीम ने कोर्ट से आंतरिक जांच कराने का अनुरोध कर रिपोर्ट सौंपी थी।
बीमार आरोपी पोसा जेल के अस्पताल में भर्ती
कानपुर देहात। माती जेल में बंद बेहमई कांड के आरोपी पोसा के बीमार होने पर उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप ने बताया कि वृद्ध होने के कारण पोसा को चलने-फिरने में दिक्कत है। हड्डी की समस्या के कारण उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां डॉक्टर नियमित रूप से उसका उपचार कर रहे हैं। (संवाद)