फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी देखा नहीं होगा 96 करोड़ 62 लाख के 'नोटों का बिस्तर'

Thu, 18 Jan 2018 08:39 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
कानपुर में नोटों का बिस्तर देख सभी हैरान
शायद आपने अपने जीवन में कभी करोड़ों रुपये के नोटों का बिस्तर नहीं देखा होगा लेकिन यूपी के कानपुर में ऐसा ही एक 'नोटों का बिस्तर' चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल क्राइमब्रांच और एनआईए ने 97 करोड़ की पुरानी करेंसी बरामद की है। नोटों की गिनती पूरी रात होती रही।  

 
विज्ञापन

पुरानी करेंसी की गिनती पूरी हो गई

2 of 5
कानपुर से बरामद करोड़ों के पुराने नोट
कानपुर पुलिस, एनआईए, क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान मनीचेंजरों के पास से बरामद पुरानी करेंसी की गिनती पूरी हो गई है। 96 करोड़ 62 लाख के 500 व 1 हजार के नोट मिले हैं। बाकी दूसरे ठिकानों से इकट्ठा की गई पुरानी करेंसी की गिनती की जा रही  है। यूपी के कानपुर में 97 करोड़ के पुराने नोट बरामद होने के बाद उद्योग जगत में हलचल मच गई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर और गोआ के व्यापारियों से मनीचेंजरों के कनेक्शन बताए जा रहे हैं। 
विज्ञापन

तीन स्थानों से 8 मनीचेंजर पकड़े

3 of 5
मनीचेंजरों का खेल उजागर
मेरठ में बिल्डर के पास से 25 करोड़ के पुराने नोट मिलने के बाद मंगलवार देर शाम कानपुर में भी पुराने नोटों की खेप पकड़ी गई थी। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने मंगलवार को कानपुर के एक होटल समेत तीन स्थानों से 8 मनीचेंजर पकड़े हैं। उनके पास लगभग 100 करोड़ रुपये बरामद होने की बात सामने आई है। आयकर विभाग के अफसर पूछताछ कर रहे हैं।
 

कानपुर के गगन प्लाजा से पकड़े गए

4 of 5
कानपुर से करोड़ों के नोट बरामद
कानपुर के गगन प्लाजा के 101,201 नंबर कमरों से वाराणसी का संतकुमार, संजय सिंह, अमरावती महाराष्ट्र का अनिल और सहारनपुर का विजय प्रकाश ओमप्रकाश दायमा समेत सात लोग पकड़े गए हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलवाया जा रहा था

5 of 5
बोरियों में भरे करोड़ों रुपये
पुराने नोट बदलने के खेल में कानपुर और आसपास के जिलों के कुछ बिल्डरों और व्यापारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। जिन्होंने ब्लैक मनी छिपाकर रखी थी। नोटबंदी के बाद समय पर वह लोग पुरानी करेंसी बैंकों या सरकारी खजाने में जमा नहीं करा सके थे। इसलिए अब मनीचेंजरों के जरिये पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलवाया जा रहा था। पुलिस को करेंसी बदलवाने वाले कुछ बड़े व्यापारियों और बिल्डरों के नाम-पते भी आरोपियों से पूछताछ में हासिल हो गए हैं। इसे लेकर पुलिस ने काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें