शहर सहित प्रदेश के 29 हजार से अधिक श्रमिक क्वार्टरों का किराया पात्र आवेदकों से नए दर से वसूला जाएगा। शासन के निर्देश पर श्रमायुक्त ने किराए की नई दर महंगाई सूचकांक के आधार पर तैयार की है।
इसमें एक कमरे का न्यूनतम किराया 500-1000 रुपये के बीच प्रस्तावित है। बुधवार को इसी संबंध में लखनऊ में बैठक हुई।
दरअसल, बीते दो साल से श्रमिक क्वार्टरों का किराया बंद है। शहर में 18035 श्रमिक क्वार्टर हैं। 1995 से श्रमिक क्वार्टरों का एलाटमेंट बंद है।
कुछ महीने पहले तय किया गया था कि कानपुर समेत पूरे प्रदेश के श्रमिक क्वार्टरों को बेचा जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
लेकिन प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं बन पाई थी। अब विभाग ने फिर से किराया लेने का प्रस्ताव शासन के निर्देश पर तैयार किया है।
अपर श्रमायुक्त प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि श्रमायुक्त शालिनी प्रसाद ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद ही किराया लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
नया किराया महंगाई सूचकांक के आधार पर निर्धारित किया गया है। न्यूनतम किराया 500-1000 रुपये के मध्य होगा।