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हुनरमंद बनें, नौकरी को है आपकी तलाश

Thu, 22 Dec 2016 12:09 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर

सार

कौशल विकास प्रदर्शनी के तीसरे दिन जबर्दस्त भीड़, बुलानी पड़ी पुलिस  
आज अंतिम दिन निराला नगर रेलवे ग्राउंड में लगी प्रदर्शनी का आप भी उठाए फायदा 
टोल फ्री नंबर, ‘स्किल अप’ एप और ऑनलाइन फार्म से रजिस्ट्रेशन का है विकल्प
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विस्तार
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देश कौशल और उद्यमिता के सहारे विकास की राह पर चल पड़ा है। 'मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने की कोशिश की जा रही है। इसमें युवा भी बढ़चढ़ कर योगदान अदा कर रहे हैं।
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पीएमकेवीवाई द्वितीय में तैयार किए गए श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाना शुरू किया गया है। 

कानपुर निरालानगर रेलवे ग्राउंड मैदान पर लगी कौशल और उद्यमिता विकास मंत्रालय के कौशल और उद्यमिता विकास निगम की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी के तीसरे दिन बुधवार को जबर्दस्त भीड़ रही। भीड़ को संभालने के लिए व्यवस्थापकों को पुलिस बुलानी पड़ी। प्रदर्शनी में पहुंचे युवाओं में इसकी जिज्ञासा ज्यादा रही कि कौन से ट्रेड की ट्रेनिंग के बाद उन्हें स्वरोजगार और नौकरी के अच्छे अवसर तुरंत मिल जाएंगे। प्रदर्शनी का आज अंतिम दिन है।
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ट्रेडों में रजिस्ट्रेशन के तीन तरीके
1- प्रदर्शनी स्थल पर फॉर्म भरकर।
2-‘स्किल अप’ एप डाउनलोड करें। उस पर मौजूद फार्म भरें। व्यक्तिगत जानकारियों के साथ किस ट्रेड में ट्रेनिंग लेनी है यह भी बताना होगा।
3-टोल फ्री नंबर 8800055555 पर काल करके पूरी जानकारी ली जा सकती है। आपको यह भी बताया जाएगा कि जिस ट्रेड में ट्रेनिंग लेनी है उसका सेंटर कहां है।

रजिस्ट्रेशन के फायदे
मंत्रालय की योजना के अनुसार रजिस्ट्रेशन करा चुके युवाओं को उनके इच्छित स्थान पर चल रहे पीएमकेवीवाई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) के तहत पीएमकेके (प्रधानमंत्री कौशल केंद्र) से जोड़ा जाएगा। ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। निजी क्षेत्र की कंपनियों के माध्यम से इन युवाओं को नौकरी का प्रयास किया जाएगा। 

निशुल्क कोर्स वाले काउंटरों पर भीड़
प्रदर्शनी में पीएमकेवीवाई के तहत निशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी देने वाले स्टालों पर युवाओं की भीड़ लगी रही। इसके अलावा ऐसे कोर्स के बारे में युवाओं में उत्साह दिखा जिनपर बेहद कम शुल्क लिया जाता है। नर्सिंग और मेडिकेयर के प्रशिक्षण के बारे में उन्हें बताया गया कि इसमें महंगी मशीनों का इस्तेमाल होता है इसलिए नार्मल शुल्क लिया जाता है। वहीं कई कोर्स फीस पर आधारित हैं। लोग स्टाल पर जाकर फीस, ट्रेनिंग सेंटर और स्कोप की जानकारी लेते दिखे। 

नवंबर से शुरू पीएमकेवीवाई द्वितीय, किए गए हैं संसोधन 
-ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं की लिस्ट में खामियां पाई जा रही है। ऐसे में इस बार उनकी पहचान के रूप में आधार कार्ड को जोड़ दिया गया है। ताकि सरकार जब चाहे पता लगा सकती है कि किसे ट्रेनिंग मिली।
-ट्रेनिंग देने वाली कंपनियों पर प्रशिक्षण प्राप्त युवकों को प्लेसमेंट दिलाने का दबाव बढ़ा है। अगर प्रशिक्षण प्राप्त युवक को प्लेसमेंट नहीं मिला तो सरकार कंपनी को ट्रेनिंग के एवज में दिए जाने वाले पेमेंट से बीस फीसदी काट लेगी। इससे कंपनियों पर प्लेसमेंट दिलाने का दबाव बढ़ेगा।
-पीएमकेवीवाई द्वितीय के सभी कोर्स निशुल्क हैं, जल्द ही इसके केंद्र देश के हर शहर में होंगे।

देश की पहली योजना जो ‘को ब्रांडेड’ सर्टिफिकेट दे रही
पीएमकेवीवाई द्वितीय देश की पहली ऐसी योजना है जिसमें ट्रेनिंग ले चुके बच्चों को ‘को ब्रांडेड’ सर्टिफिकेट मिल रहे हैं। ये सर्टिफिकेट मंत्रालय की मुहर के साथ ट्रेनिंग दे रहे प्राइवेट पार्टनर का नाम भी होता है। इससे मार्केट में अच्छा संदेश जाता है कि बच्चे ने एक नामी निजी कंपनी से ट्रेनिंग ली है। ऑटोमोटिव क्षेत्र में ‘हीरो’ ग्रुप के सुनीलकांत मुंजाल, ब्यूटी एंड वेलनेस में वीएलसीसी की वंदना लूथरा और मेडिकेयर में ट्रेनिंग लेने वालों के सर्टिफिकेट में डॉ. नरेश त्रेहान का साइन किया होता है।

‘मेक इन इंडिया’ को साकार करने की कोशिश
योजना के क्रियान्वयन के लिए एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल) बनाया गया है। एनएसडीसी ने 38 एसएससी (सेक्टर स्किल काउंसिल) बनाए। एसएससी उद्योगों से जुड़े लोगों का ऐसा समूह है जो उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कुशल लोगों को तैयार करने का सुझाव देता है। उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए 221 कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।

एनएसक्यूएफ (नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क) द्वारा कोर्सों का चयन किया जाता है। एनएसडीसी के एग्जक्यूटिव डाइरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जयंत कृष्णा ने बताया पीएमकेवीवाई द्वितीय को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुताबिक डिजाइन किया गया है। निजी कंपनियों पर प्लेसमेंट की जिम्मेदारी डाली गई है। 
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