कानपुर में आल इंडिया एसोसिएशन आफ फिजियोथेरेपिस्ट की कार्यशाला के दूसरे दिन रविवार को चिंता व्यक्त की गई कि युवा पीढ़ी में कमर दर्द और स्लिप डिस्क की शिकायत बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह लहराकर बाइक चलाना है।
पीठ की मांसपेशियां खिंच जाती हैं। इससे युवाओं की कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ता है। कार्यशाला में सबसे अधिक जोर फिजियोथेरेपी काउंसिल के गठन पर रहा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
कहा गया कि मानक तय होने पर फिजियोथेरेपी की गुणवत्ता में सुधार आएगा। लाजपत भवन में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने किया। विशिष्ट अतिथि सीएसजेएमयू की कुलपति डॉ. नीलिमा गुप्ता रहीं। सांसद भोले ने कहा कि बिगड़ी लाइफ स्टाइल के दौर में फिजियोथेरेपी बहुत अहम है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरपीएस राणा ने कहा कि कार्यशाला में छात्रों को विभिन्न अंगों का दर्द दूर करने के तरीके बताए गए।
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बाइक चलाने, खड़े होने के तरीकों के संबंध में टिप्स दिए गए। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. जी सुधाकरन ने फिजियोथेरेपी के नए आयामों के संबंध में बताया। डॉ. एएस प्रसाद, निदेशक जेट नेट वियर बलरान नरुला, एसके अग्रवाल ने दिव्यांगों को नि:शुल्क व्हील चेयर प्रदान की। तकनीकी सत्रों में 20 पेपर प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में डॉ. वीके खोखर, डॉ. एसडी सिंह परिहार, डॉ. इंद्रजीत आदि रहे।