चित्रकूट के पहाड़ी ब्लाक के बीडीओ विपिन कुमार सिंह ने सदर एसडीएम इंदु प्रकाश पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस्तीफा भेज दिया। मंगलवार को इसकी जानकारी होते ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
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कार्यालय समय पर पहुंचे अन्य अधिकारी व ब्लाक के कर्मचारियों को इसकी जानकारी हुई तो सभी कार्यालय गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। बीडीओ ने आरोप लगाया कि सदर एसडीएम ने बैठक में उन्हें अपमानित किया है। तीन महीने से उनका वेतन भी रुका हुआ है।
मंगलवार को बीडीओ विपिन कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सदर एसडीएम उनका कई दिनों से उत्पीड़न कर रहे हैं। बैठकों में सबके सामने अपमानित किया जाता है। 19 अगस्त को साप्ताहिक बैठक मेे उपजिलाधिकारी ने सबके सामने कहा इनका तीन महीने से वेतन नहीं मिला कहां से गुजर बसर करते हैं।
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परिसर में लगा ताला
- फोटो : अमर उजाला
जातीय उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। बीडीओ ने बताया कि वेतन न मिलने पर वह अपने पिता से रुपये लेकर किसी तरह से परिवार चलाते हैं। ऐसी स्थिति में अत्याचार न सहते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं।
इसके बाद बीडीओ के पक्ष में कर्मचारी, सचिव ने खंड विकास कार्यालय के परिसर में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। मांग की कि एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, खंड विकास अधिकारी मंगलवार को अपने निवास से बाहर नहीं निकले। मौके पर डीडीओ आरके त्रिपाठी पहाड़ी ब्लाक पहुंचे।
उन्होंने कर्मचारियों को समझाकर काम पर लौटने को कहा लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। शाम तक धरना चला इसके बाद कर्मचारी चले गए। इस दौरान कार्यालय में ताला बंद होने से कई ग्रामीणों को भी लौटना पड़ा।
इस मौके पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के संदीप सिंह, कमलेश सिंह, आशुतोष कुमार, जीवनलाल, राहुल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, प्रियम्बंदा पांडेय, घनश्याम शुक्ला, तनवीर कुरैशी, राजकर सुनील, विश्व प्रधान, वीरेन्द्र सिंह, मान सिंह, राजेश गर्ग, साकेत बिहारी, रोजगार सेवक संघ के जोगेश्वर व ग्राम प्रधान संघ के आनंद सिंह, हरगौरी, रामरहीस, लल्लन प्रसाद, नरेंद्र, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।
चित्रकूट के डीएम शेषमणि पांडेय ने कहा कि अभी उनके पास बीडीओ का पत्र नहीं पहुंचा है। पत्र पढ़ने के बाद इस मामले में कोई निर्णय लिया जाएगा। उधर, एसडीएम इंदुप्रकाश ने बताया कि इस समय शिकायतों का निस्तारण व गोवंश को सुरक्षित करने के दो मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
इसी विषय पर डीएम की मौजूदगी में बैठक हुई थी। बीडीओ पहाड़ी को कोई अपशब्द नहीं कहे गए। उनका वेतन इन्हीं शिकायतों के निस्तारण न करने के कारण रुका है। जिसपर कहा गया कि जल्द सबका निस्तारण कराएं ताकि उनका वेतन जल्द मिल सके।
एसडीएम ने बताया कि बीडीओ विपिन कुमार ने उन्हें मोबाइल पर मैसेज किया था कि मीटिंग में उन्होंने इस तरह की बात की है जिससे उन्हें बेहद ठेस लगी है। जिस पर एसडीएम ने भी जवाब लिखा था कि उनकी किसी के प्रति कोई द्वेष भावना नहीं है। शासन की प्राथमिकता ही बताई गई है।
अगर उन्हें ठेस लगी है तो सॉरी। इस संबध में बीडीओ विपिन कुमार ने बताया कि उन्हें भरी मीटिंग में अक्सर ऐसा किया गया, जिससे क्षुब्ध होकर इस्तीफा लिखा है। इसके बाद शाम को लगातार फोन लगाने पर भी उनका फोन नहीं उठा।