यूपी के उन्नाव जिले में कड़ी मॉनीटरिंग और लगातार सुधार की हिदायत देने के बाद भी शौचालय की प्रगति न बढ़ाने वाले ब्लाकस्तरीय अधिकारियों पर सीडीओ ने कड़ी कार्रवाई की है। इसमें से सबसे ज्यादा खराब प्रगति वाले औरास विकासखंड के खंड विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। वहीं चार बीडीओ के साथ ही छह एडीओ पंचायत को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा डीपीआरओ समेत सभी ब्लाकस्तरीय अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बनने वाले शौचालयों का जिले में खासा बुरा हाल था। सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने बैठक के जरिये ब्लाक अधिकारियों को सचेत भी किया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने उनकी हिदायत को हवा में उड़ा दिया। परिणामस्वरूप जिले में शौचालय निर्माण की रफ्तार अपेक्षाकृत नहीं बढ़ सकी। इससे जिले सूबे में काफी पीछे चला गया। इसको गंभीरता से लेते हुए सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने रविवार को औरास बीडीओ को निलंबित करने की संस्तुति की। वहीं चार अन्य के खिलाफ मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई। कार्रवाई की जद में एडीओ पंचायत भी आए। इन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव के अलावा सभी बीडीओ व एडीओ पंचायत का वेतन निकासी पर जिले के ओडीएफ घोषित होने तक रोक लगा दी है।
बीडीओ औरास-जेबी सिंह निलंबित, साथ में विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि
बीडीओ हसनगंज/जिला विकास अधिकारी-रामउजागिर द्विवेदी, असोहा के सुशील कुमार सिंह, सरोसी की साधना दीक्षित को भी विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि
सहायक विकास अधिकारी (पं.) असोहा अवधेश नारायण शुक्ला, हसनगंज के राजेश कुमार चौरसिया, सरोसी के विनोद वर्मा, बिछिया के रवि शर्मा, औरास के कौशल कुमार, हिलौली के मनोज वर्मा को विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि।
30 सितंबर तक सभी के अवकाश पर रोक
सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के सभी जनपद और ब्लाकस्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों के सभी अवकाशों पर 30 सितंबर 2018 तक पर रोक लगा दी है। सीडीओ ने कहा कि यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो और अधिकारियों पर भी निलंबन की गाज गिरेगी।