कानपुर के बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने आरबीआई के डिप्टी जनरल मैनेजर को पत्र भेजकर 50 करोड़ रुपये मांगे हैं। कहा है कि छह दिन में मात्र आठ करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं में हर रोज 15 करोड़ रुपये की जरूरत है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को भेजे गए पत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने का भी हवाला दिया है। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सीनियर मैनेजर एके विस्वाल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि ब्रांचों में कैश नहीं है।
विड्राल लिमिट के हिसाब से 124 ब्रांच में हर रोज 15 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। किसान, पेंशनर, शिक्षकों को भी पैसा नहीं दिया जा रहा है। इस कारण कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। अगर समय से पैसा नहीं मिला तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। बैंक शाखाओं को सुरक्षा भी दिलाई जाए।