खुद को पॉलिसी कराने वाली कंपनी का बताया था मैनेजर
बता दें कि चकेरी के लाल बंगला निवासी मोहम्मद इस्माइल (75) चमड़ा कारोबारी हैं। इस्माइल के अनुसार परिवार में दस लोगों की जीवन बीमा पॉलिसी अलग-अलग कंपनियों से कराई गई थी। कोरोना काल में कारोबार ठप होने के कारण वह जीवन बीमा पॉलिसी के प्रीमियम नहीं भर सके। आठ अक्टूबर को उनके पास एक कॉल आया और फोन करने वाले ने खुद को पॉलिसी कराने वाली कंपनी का मैनेजर विपिन आनंद बताते हुए पॉलिसी अनपेड होने की बात कही।
17 से 22 अक्टूबर के बीच में 10.90 लाख जमा कराए
बताया कि थोड़ा पैसा भर दिया जाए, तो अच्छी खासी रिफंड वैल्यू मिल सकती है। इस्माइल ने विपिन की बात पर विश्वास कर लिया। इसके बाद कागजी कार्रवाई के लिए चंदन रेड्डी नाम के शख्स का फोन आया। रिफंड के नाम पर उसने एसटीजीसी, एनओसी चार्ज, फंड चार्ज आदि जमा करवाने व प्रोसेसिंग फीस आदि के लिए 17 से 22 अक्टूबर के बीच में 10.90 लाख रुपये जमा कराए।
सीए को पत्र दिखाया, तो उन्होंने फर्जी बताया
इसकी रसीदें भी इस्माइल को व्हाट्सएप पर भेजी गई। 28 अक्टूबर को डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल ऑडिट का एक पत्र व्हाट्सएप पर रिसीव हुआ। इसमें कहा गया कि रिफंड मनी 1.06 करोड़ रुपये है। इसके लिए पीड़ित को 30.14 लाख रुपये जमा करने होंगे। पैसों के लालच में इस्माइल ने 29 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच 30.14 लाख रुपये भी बताए गए अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। इस्माइल के मुताबिक 28 अक्टूबर को जब उन्होंने अपने सीए को पत्र दिखाया, तो उन्होंने उसे फर्जी बताया।