केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग के लिए नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की कार्ययोजना जारी की है। आयकर विभाग के अफसरों से कहा गया है कि नोटबंदी के दौरान जिन लोगों ने अप्रत्याशित धन जमा किया था उन्हें नोटिस भेजने और जवाब लेने का काम 31 मई तक खत्म करें। इसके बाद तय किया जाएगा कि किसे जांच का हिस्सा बनाया जाए, किसे नहीं।
नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में भारी रकम जमा करने वाले शहर के करीब 10 हजार लोगों को नोटिस भेजे गए थे। इनमें से पांच हजार लोगों ने इन नोटिस का जवाब नहीं दिया है। आयकर विभाग अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। पहले इन्हें रिमाइंडर नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद भी जवाब नहीं आया तो 31 मई के बाद कार्रवाई होने लगेगी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि बैंकों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर नोटिस भेजने का काम अभी भी जारी है। जिन लोगों ने नोटिस का जवाब दिया है उनका अध्ययन किया जा रहा है। नोटिस का जवाब न देने वालों की लिस्ट तैयार की जा रही है।