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कानपुर: बैंक ऑफ इंडिया में हेरफेर का मामला, शाखा प्रबंधक हटाए गए, दो कर्मचारियों पर भी कार्रवाई तय

Sat, 14 Mar 2020 12:49 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बैंक ऑफ इंडिया - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में बैंक ऑफ इंडिया की महाराजपुर शाखा के प्रबंधक मनीष सागर को आखिरकार शुक्रवार को पद से हटा दिया गया। बैंक के खाताधारकों की जमा रकम के साथ फर्जीवाड़े का खुलासा होने के आठ दिन बाद क्षेत्रीय कार्यालय ने कई एक्शन लिए हैं।
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मनीष सागर के स्थान पर मुख्य प्रबंधक स्तर के अधिकारी की तैनाती की गई है। शुक्रवार दोपहर को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया। दो और कर्मचारियों पर कार्रवाई होना तय है। शाखा में अस्थायी कर्मचारी के सहयोग से करीब दो करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है।

खाताधारकों की इस रकम की भरपाई के लिए बैंक के स्टाफ पर एक करोड़ रुपये जुटाने का दबाव बनाया जा रहा था। अमर उजाला ने भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से इस बात को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
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अमर उजाला में खबर छपने के बाद जोनल प्रबंधक प्रशांत सिंह ने इसे संज्ञान में लिया और मनीष सागर को शाखा से हटाकर जोनल कार्यालय अटैच कर दिया। दिलचस्प बात ये है कि करीब दो करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के बाद भी प्रबंधन की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बैंक के अस्थायी कर्मचारी का भी कुछ अता पता नहीं है। 

विजिलेंस के दो और अफसर पहुंचे
बैंक ऑफ इंडिया की महाराजपुर शाखा में शुक्रवार को भी जांच जारी रही। जांच में तेजी लाने के लिए लखनऊ से बैंक की विजिलेंस विंग के दो और अफसर महाराजपुर पहुंचे। अब जांच कर रहे विजिलेंस अफसरों की संख्या चार हो गई है। अफसरों ने कर्मचारियों से पूछताछ के साथ ही उनके बयान दर्ज किए। सभी के खाते खंगाले गए। अब तक करीब सौ संदिग्ध खातों की सूची तैयार की गई है। 
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