बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने 19 शाखा प्रबंधकों व शाखा प्रभारियों से अधीनस्थों को छुट्टी देने का अधिकार छीन लिया है। ये शाखाएं लक्ष्य के अनुरूप न तो डूबे ऋणों की वसूली कर पाईं और न ही नया बिजनेस हासिल कर पाई हैं। इन शाखाओं के कर्मचारियों को अब क्षेत्रीय कार्यालय से छुट्टी स्वीकृत करानी होगी।
बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय के इस आदेश में प्रभावित बैंक शाखाओं के कर्मचारियों में रोष है। इन कर्मचारियों ने अपनी यूनियन के नेताओं से संपर्क कर इस पर दखल देने की अपील की है। बैंक की यूनियन जल्द ही इस मसले पर क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात करेगी।
ये शाखाएं हुईं प्रभावित
सरवनखेड़ा, पड़री लालपुर, मझावन, बारा, रसधन, गिरसी, गजनेर, तरगांव, असधना, संदलपुर, औरंथरपुर देओहा, नईजुनियां, मकनपुर, बिल्हौर, भीतरगांव, उरई, पतारा।
शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इस तरह की नई बाध्यता कर दी गई है। छुट्टी न देने का तानाशाही पूर्ण रवैया है। दूरदराज की शाखा का व्यक्ति एक दिन की छुट्टी के लिए कानपुर के चक्कर लगाएगा। यह उचित नहीं है। इस तरह के सर्कुलर बैंकिंग इंडस्ट्री के द्विपक्षीय समझौतों के खिलाफ हैं। वी बैंकर्स औद्योगिक विवाद दर्ज करा कर इसका विरोध करेगा।
आशीष मिश्रा, महामंत्री, वी बैंकर्स