रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग के सरगना रुद्र प्रताप ठाकुर समेत जिन आरोपियों के बैंक खातों से रुपयों का लेनदेन हुआ, उन्हें सोमवार को जीआरपी ने सीज करा दिया। एसबीआई और एचडीएफसी समेत चार बैंकों में ठग गिरोह के सदस्यों के खातों से पैसा ट्रांसफर करने की जानकारी जीआरपी को मिली थी। हालांकि, ठग अभी भी जीआरपी के हाथ नहीं आए हैं।
इटावा निवासी रुद्र प्रताप ठाकुर गैंग का सरगना है। सेंट्रल स्टेशन पर फर्जी टीसी और पार्सल पोर्टर बनकर काम करने वाले 13 युवकों में से कई ने उसे नौकरी के लिए पैसा दिया था। इसमें कई युवकों ने पैसों का लेनदेन रुद्र के एसबीआई के खाते में ऑनलाइन किया।
बैंक खातों की इसी डिटेल के आधार पर जीआरपी ने उसके एसबीआई के खाते को सीज करा दिया है। जीआरपी इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों राजेश भट्ट, अनुज अवस्थी, अभिषेक पांडेय के खातों को भी सीज कराया जा रहा है। इसके लिए एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और पीएनबी मुख्यालय को पत्र भेजकर खाते सीज करने का अनुरोध किया गया था।
आरोपियों की तलाश यूपी-उत्तराखंड में
गैंग के सरगना रुद्र, एजेंट राजेश भट्ट, अनुज अवस्थी, अभिषेक पांडेय और मोहित की तलाश में चार टीमें लगातार छापे मार रही हैं। टीमें इटावा समेत उत्तराखंड के देहरादून और रुड़की भी भेजी गई हैं।