कानपुर में बिहार से आए मां-बाप जब सवा साल बाद अपने भटके बेटे से मिले तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अपने जिगर के टुकड़े को सीने से लगाकर जार-जार रोए और पुलिस का शुक्रिया अदा किया। दरअसल, बिहार पटना का रहने वाला नौ साल का काजू मार्च 2020 में भटककर कानपुर आ गया था।
तब उसे राजकीय बाल गृह पहुंचा दिया गया था। करीब तीन माह पहले जब पुलिस कमिश्नरी लागू हुई तो कमिश्नर ने बाल गृह के बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की बाद कही। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने काजू से दोबारा पूछताछ की तो उसने बताया कि वह एक शादी में गया था।
माता-पिता से बिछड़कर स्टेशन पहुंच गया और एक ट्रेन में बैठकर यहां आ गया था। पिता का नाम भोलानी महतो और गांव का नाम बड़ी पहाड़ी बताया। छानबीन में पता चला कि यह गांव पटना में है। पुलिस ने पटना आउटर पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क किया तो आदमकुंआ थाने में काजू की गुमशुदगी दर्ज होने की जानकारी मिली।
सूचना पर सोमवार को भोलानी महतो अपनी पत्नी के साथ डीसीपी क्राइम ऑफिस पहुंचे और बेटे को देखकर फफक पड़े। बेटा भी अम्मा-अम्मा कहकर मां के लिपट गया। भोलानी ने बताया कि उन्होंने तो बेटे के मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। डीसीपी क्राइम सलमान ताज ने बताया कि बच्चे को परिजनों से मिलाने वाली स्पेशल टीम को पांच हजार का इनाम दिया जाएगा।