डीसीपी को सौंपी थी जांच
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले को गंभीरता से लिया और इस प्रकरण की जांच डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल को सौंप दी। डीसीपी क्राइम ने इस मामले में पुलिस अधिकारी और इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए।
जिस मुखबिर का नाम आया उससे भी मामले में बात की गई। मगर रुपये के लेन देन का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी। वहीं, डॉ. रिजवान के मामले में अभी भी जांच चल रही है। उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है।
मामले में जांच में रुपये के लेनदेन का कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस की जांच को डायवर्ट करने के लिए इस मुद्दे को उठाया गया था। इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। जिन पुलिस कर्मियों पर आरोप थे, उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर