इस बार बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि पुलिस ने उनके क्लाइंट को फर्जी फंसाया है। कोई आधार न होने पर भी गंभीर मुकदमे लाद दिए गए हैं। इसपर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए डॉ. रिजवान को कोर्ट के सामने पेश करने के आदेश दिए। कोर्ट का आदेश कागज जेल प्रशासन के पास पहुंचा।
कोर्ट में पेशी के बाद तय होगी रिमांड की अवधि
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जेल से रिजवान मोहम्मद कड़ी सुरक्षा घेरे में कोर्ट लाया जाएगा। वहां पर सुनवाई होने के बाद उसकी पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि तय होगी। कोर्ट सुनवाई करने के बाद जो भी आदेश देता है उसका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बता दें कि डॉ. रिजवान की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को दोबारा जेल में जाकर रिजवान के बयान दर्ज किए थे। उसी के साथ दोबारा रिमांड के लिए अर्जी दी थी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट फैसला देगी।