गुमनाम शख्स ने खाते में डाले आठ लाख रुपये
पुलिस के अनुसार एक बैंक खाते में नवंबर में आठ लाख रुपये किसी शहर से डाले गए हैं। सूत्रों के अनुसार कैश की जमा पर्ची पर फर्जी साइन किए गए हैं। बता दें कि डॉ. रिजवान और उसके परिवार ने चार बैंक खाते खुलवा रखे थे। पुलिस को इन खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चला है।
पुलिस को डॉ. रिजवान के इंडसइंड, एचडीएफसी, पीएनबी और केनरा बैंक में खोले गए बचत खातों का पता चला है। उसने इंडसइंड बैंक का मास्टर और डेबिट कार्ड, एचडीएफसी बैंक का मास्टर कार्ड, केनरा बैंक का डेबिट कार्ड, व पीएबी का डेबिट कार्ड ले रखा था।
राजनीतिक लोगों के पास भी पहुंचता था फंड
पुलिस सूत्रों के अनुसार डॉ. रिजवान मोहम्मद शहर और बाहर के कुछ राजनीतिक लोगों के भी संपर्क में था। उसने उन्हें भी समय-समय पर पैसा भेजा है। जो नकद में दिया गया है। यह कौन लोग हैं और इनका डॉ. रिजवान से क्या संबंध है इसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
हवाला के जरिये करोड़ों की संपत्ति बनाई
डॉ. रिजवान ने हवाला के जरिये बांग्लादेश में करोड़ों की संपत्ति बना रखी है। शहर में चमड़ा और होजरी का बड़ा कारोबार होता है। यहां से बड़े पैमाने पर माल एक्सपोर्ट होता है। शहर में रहकर डॉ. रिजवान के परिवार का हर माह दो लाख रुपये के लगभग का खर्च था, लेकिन काम धंधा एक भी नहीं था।
पुलिस को नहीं मिली डॉ. रिजवान की कस्टडी रिमांड
डॉ. रिजवान मोहम्मद की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। पुलिस शुक्रवार को दोबारा जेल में जाकर रिजवान के बयान दर्ज करेगी। उसी के साथ दोबारा रिमांड के लिए अर्जी देगी। पुलिस की तरफ से बुधवार की शाम को कोर्ट में 14 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी डाली गई थी। इस पर गुरुवार को सुनवाई हुई।