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UP: बसपा नेता के इनामी भाई की गिरफ्तारी पर रोक, कोर्ट ने दिए अग्रिम आदेश तक चार्जशीट दाखिल न करने के आदेश

Fri, 16 Dec 2022 12:12 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन धोखाधड़ी के मुकदमों में शाहजहांपुर की जेल में निरुद्ध है। भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन गैंगस्टर, डकैती व अन्य मुकदमों में फरार है। भाई अभिषेक दुबे उर्फ जीतू भी धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित है। दो न्यायाधीश की खंडपीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अभिषेक दुबे उर्फ जीतू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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बसपा नेता अनुपम दुबे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बसपा नेता के 25 हजार के इनामी भाई की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने विवेचना जारी रखने व अग्रिम आदेश तक चार्जशीट दाखिल न करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेेश गृह विभाग, एसपी फतेहगढ़, कोतवाल फर्रुखाबाद व तीन मुकदमा दर्ज कराने वाले वादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है।

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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे सहित उनके भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, अमित दुबे उर्फ बब्बन, अभिषेक दुबे के खिलाफ शहर कोतवाली में पूर्व सासंद छोटे सिंह के पुत्र मोहन कुमार, शोभाराम सिंह व शशिप्रभा ने एक-एक धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे गैंगस्टर के मामले में मैनपुरी जेल में बंद है। मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन धोखाधड़ी के मुकदमों में शाहजहांपुर की जेल में निरुद्ध है।

भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन गैंगस्टर, डकैती व अन्य मुकदमों में फरार है। भाई अभिषेक दुबे उर्फ जीतू भी धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित है। एसपी ने पिछले सप्ताह अनुराग दुबे व अभिषेक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी के लिए कई टीम लगाई गई हैं। उनके वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री ने जनपद न्यायायल में अभिषेक दुबे पर आपराधिक मुकदमे दर्ज न होने पर इनाम घोषित किए जाने का विरोध कर प्रार्थना पत्र दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट में भी पैरवी की गई। सुनवाई न होने पर अभिषेक दुबे की ओर से उनके वकील अभिषेक चौधरी, सर्वानंद दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में  सात दिसंबर को याचिका दायर की।
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14 दिसंबर को  न्यायाधीश सूर्यकांत व जेबी परदीवाला की कोर्ट में सुनवाई हुई। दो न्यायाधीश की खंडपीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अभिषेक दुबे उर्फ जीतू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। धोखाधड़ी के तीनों मुकदमों में विवेचना जारी रख अभिषेक दुबे को पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है। तीनों मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट के अग्रिम आदेश तक चार्जशीट दाखिल करने पर भी रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेेश के गृह विभाग, एसपी फतेहगढ़, कोतवाल फर्रुखाबाद, वादी मोहन कुमार, शोभाराम, शशिप्रभा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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