कभी बीहड़ों में कुसुमा के नाम से थर्राते थे गांव वाले और अब कुसुमा लोगों के पास जाकर बाट रहीं धार्मिक किताबें
बीहड़ों में आतंक मचाने वाली दस्यु सुंदरी कुसुमा नाइन इन दिनों देवी मां की भक्ति में डूबी हैं। बुधवार को कोर्ट पहुंचीं कुसुमा लोगों को धर्मग्रंंथ बाटते हुए देखी गईं।
जेल में वह साथी कैदियों को देवी भक्ति का महत्व बताकर व्रत करने की प्रेरणा दे रही है। कुसुमा सुबह स्नान करने के बाद से भजन सुनाना शुरू कर देती है। रामायण पढ़ नहीं पाती है, इसलिए अन्य बंदी से रामचरित मानस का पाठ सुनती है। दस्यु संदुरी कुसमा नाइन के अधिवक्ता रामदेव सिंह ने बताया कि दस्यु सुंदरी क़ुसमा नाइन कभी बीहड़ों में रहकर अपराध की दुनिया में लीन थी। जेल में रहने के दौरान उनका ह्रदय परिवर्तन हुआ है। बुधवार को हत्या के एक मामले में जिला न्यायालय पेशी पर आईं कुसुमा नाइन ने कोर्ट में मौजूद लोगों को रामायण भेंट कर उन्हें भगवान के प्रति भक्ति करने को प्रेरित किया। कुसुमा नाइन हत्या, लूट, अपहरण डकैती के तमाम मुकदमों में निरूद्ध होने के चलते कानपुर जिला जेल में बंदी का जीवन यापन कर रही है।