जहर खाने से एक युवक की हालत बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज में उसने देर रात दम तोड़ दिया। परिजन आत्मघाती कदम उठाने का कारण नहीं बता सके। परिजन के अनुसार युवक ने जहर खाने के बाद अपने चचेरे भाई को फोन किया और कहा था कि उसे बचा लो।
शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारी रोड स्थित चुन्नीलाल का पुरवा निवासी रामबाबू ने बताया कि उसके पुत्र हिमांशु (26) ने सोमवार को दोपहर जहर खा लिया। दोपहर तीन बजे करीब उसने अपने चचेरे भाई सुधांशु को फोन करके बताया कि वह मर रहा है, उसे बचा लो। फोन आने पर परिजन को मामले की जानकारी हुई। वह मौके पर पहुंचे तो हिमांशु कालूकुआं मोहल्ला स्थित एक एजेंसी के सामने सड़क पर पड़ा था। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
पिता ने बताया कि हिमांशु बीए कर चुका था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया उन्हें नहीं पता। पिता कृषि कार्य करते हैं। घर में मां श्यामा देवी हैं। वह दो भाइयों में बड़ा था। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि परिजन कोई ठोस वजह नहीं बता सके हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।