मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अनुशासनिक कार्रवाई के लिए जांच समिति भी गठित कर दी है, जो पूरे प्रकरण की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल परिसर में शराब पीना या किसी भी प्रकार का नशा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि मरीजों के उपचार और सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।