बालक के पैर ही बचे थे
जिस स्थान पर बाघ ने बच्चे को शिकार बनाया, वहां बाघ के पगमार्क मिले हैं। जिससे घटना की पुष्टि होती है। पन्ना टाइगर रिजर्व के एरिया रेंज अधिकारी अजीत जाट ने बताया कि घटना शुक्रवार की सुबह एक 11 वर्षीय बालक का शिकार कर लिया है। उसका सिर, सीना, गर्दन व कमर का हिस्सा नहीं था। बालक के पैर ही बचे थे, जिसे छोड़कर वह जंगल की ओर भाग गया। बच्चे का कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।
बच्चे का शिकार बनाए जाने की दूसरी घटना
पन्ना टाइगर रिजर्व का स्टाफ मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल कर रहा है। यह घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघ द्वारा बच्चे का शिकार बनाए जाने की दूसरी घटना है। इससे पहले उत्तर रेंज अंतर्गत एक महिला को बाघ ने अपना शिकार बनाया था। जरदोबा ग्राम पन्ना टाइगर रिजर्व के चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है और मुख्य सड़क से लगभग 10 किलोमीटर अंदर स्थित है।
बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता
इस कारण यह क्षेत्र जंगली जानवरों के लिए एक सुरक्षित आश्रय बना हुआ है और यहां बाघों की मौजूदगी भी रहती है। बफर जोन में सफारी भी आयोजित की जाती है जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों में गहरा भय पैदा कर दिया है। लोग अब अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। जिस इलाके में बाघ ने हमला किया है, वह पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट के पास स्थित है।