मरका थाना क्षेत्र के गुजेनी गांव में मंगलवार को बारिश के बाद उफनाए बहा नाले को पार करते समय चार किसान तेज बहाव में बह गए। हादसे में चाची और भतीजे समेत तीन की डूबने से मौत हो गई। एक किसान ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली। ग्रामीणों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बरामद किए।
गुजेनी गांव के किसान बहा नाले के दूसरी ओर खेती-किसानी के काम से गए थे। दिनभर हुई बारिश से नाले में अचानक बाढ़ आ गई। शाम को किसान रामखेलावन अपनी पत्नी कुसुमरानी और भतीजे कोमल के साथ लौट रहे थे। उनके साथ सिया भी मौजूद थीं। चारों नाला पार करने के लिए तैरने लगे लेकिन तेज बहाव में चारों बह गए। हादसे में गुजेनी निवासी भतीजा कोमल (27) पुत्र छोटेलाल, चाची कुसुमरानी (30) पत्नी रामखेलावन और सिया (50) पत्नी फूलचंद्र की डूबने से मौत हो गई।
वहीं चाचा रामखेलावन (35) पुत्र सुखलाल किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और पुलिस ने काफी तलाश के बाद तीनों के शव बरामद किए। मृतक कोमल अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। कुसुमरानी के दो पुत्र और सिया का एक पुत्र है। मरका थाना प्रभारी सूबेदार बिंद ने बताया कि तीनों शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
नाले पर पुल न होने से हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि गुजेनी का बहा नाला पारा और भाटी गांवों को जोड़ने वाला आम रास्ता है। नाले पर आज तक पक्का रास्ता या पुल नहीं बन सका है। बारिश के दिनों में नाले में पानी बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। घटना की जानकारी पर बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।