दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने घर के कमरे के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। पिता ने जमानत में छूटे आरोपियों पर मुकदमें में सुलह करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय बेटी ने रविवार की रात कमरे के अंदर बांस की बल्ली से दुपट्टे से फंदा लगा लिया। पिता ने देखा तो परिजनों को जानकारी हो सकी।
पिता ने बताया कि दो साल पहले बेटी के साथ रिश्ते के फूफा, रिश्ते के भाई ने दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म से वह गर्भवती हो गई थी। पेट दर्द होने पर घरवालों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया तो वह गर्भवती मिली। आठ माह पहले उसकी सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराई थी। प्रसव के तीन दिन बाद उसके बच्चे की मौत हो गई थी। बताया कि इस मामले में दोनों आरोपियों को जेल हो गई थी। जमानत में छूटकर आने पर आरोपी सुलह का दबाव बना रहे थे। इसी के चलते उसने फंदा लगाकर जान दी है। वह चार बहनों में दूसरे नंबर की थी। पिता खेती किसानी करते हैं। गिरवां थाना इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि दुष्कर्म के दोनों आरोपी दूसरे गांव में रहते हैं। उनके सामने ऐसी बात नहीं आई है कि सुलह का दबाव बनाया गया हो। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।