विकास कुमार (30) सीआरपीएफ की कोबरा कंपनी में तैनात थे। वह छत्तीसगढ में नक्सल प्रभावित इलाके में सोमवार रात सर्च ऑपरेशन कर रहे थे तभी जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने हमला कर दिया।
मौके पर ही दो जवान शहीद हो गए जबकि तीसरे जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक जवान तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पिता का निधन कई साल पहले हो चुका है। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने शहीद विकास के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को मृतक आश्रित के तौर पर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
पार्थिव शरीर लाने वाले सैनिक वाहन के लिये शहीद के घर तक का रास्ता दुरुस्त किया जा रहा है।