पुलिस लगातार न्यायालय परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ सर्विलांस के जरिये बंदी की तलाश कर रही थी। पुलिस को उसके संबंध में अहम सुराग मिले। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे उसके तिंदवारी थाना क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। इसके बाद एसओजी, किला और तिंदवारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें संजय सिंह के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
65 किलो गांजा रखने के आरोप में गया था जेल
संजय सिंह को चिल्ला थाना पुलिस ने 65 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। इसी मामले में पेशी के लिए उसे 14 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायालय लाया गया था।
फरार बंदी संजय सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसके पैर में गोली लगी है और जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। - पलाश बंसल, एसपी बांदा
बंदी व हेड कांस्टेबल के खिलाफ प्राथमिकी
कचहरी लॉकअप से हेड कांस्टेबल को चकमा देकर भागने वाले बंदी व पुलिसकर्मी पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी लॉकअप प्रभारी की ओर से दर्ज कराई गई है। एसपी ने लापरवाही बरतने वाले हेड कांस्टेबल के खिलाफ सीओ सिटी को जांच के निर्देश दिए हैं। पैलानी के गांव खप्टिहा कलां निवासी संजय सिंह उर्फ बउवा मंडल कारागार में छह जून से एनडीपीएस एक्ट के मामले में निरुद्ध था। मामले में लापरवाही बरतने पर लॉकअप प्रभारी मोहम्मद नसीम खां ने कोतवाली नगर में संजय सिंह उर्फ बउवा और हेड कांस्टेबल वीर सिंह के खिलाफ तहरीर दी।