पीएचसी तिंदवारी में उपचार करातीं रानी
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पाकिस्तान की जेल में पांच वर्षों से कैद बेटे की याद में परिजनों की हालत खराब है। हाल यह है कि बेटे की याद में मां ने खाट पकड़ ली है। जेल में बंद बीमार बेटे की याद में मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को उसे परिजनों ने पीएचसी में भर्ती कराया। यहां वह सिर्फ अपने बेटे से मिलने की जिद कर रहीं हैं। जसईपुर गांव निवासी संजय वर्मा का पुत्र जितेंद्र बीते पांच वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद है।
वहीं भारत-पाक के बीच बने तनावपूर्ण स्थिति से परिजन भी परेशान हैं। परिजनों ने बताया कि 21 नवंबर को सोशल मीडिया पर जितेंद्र का पत्र आया था। इसमें उन्होंने अपनी मां रानी को संदेश लिखा था कि अगर उसकी रिहाई नहीं हो पाई तो वह खुदकुशी कर लेगा। वह बीमार हालत में है और दवा खाकर ही जिंदा है। कहा कि इसके बाद से मां की तबीयत खराब है। वह दिनरात बेटे की याद में बिलखती रहतीं हैं। इससे वह बीमार हो गईं हैं और उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पिता ने बताया कि बेटा कमाने के लिए पोरबंदर गया था। वहां पर मछलियां पकड़ने के लिए समुद्र में गया और भूलवश पाक सीमा में चला गया। उसी दौरान पाक सेना ने उसे पकड़ लिया और जेल में बंद कर दिया। बताया कि उसके साथ ही धौसड़ गांव निवासी चांदबाबू और लक्ष्मण भी पाक जेल में बंद हैं। पाक की कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। वहां की सरकार भी रिहाई के लिए तैयार है। लेकिन जिला प्रशासन से लेकर भारत सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा। परिजनों ने कहा कि वह सरकार से गुहार लगा रहे हैं, ताकि उनके बेटे जल्द लौट सकें। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।