गुटखा बनाना प्रतिबंधित, सेहत के लिए गंभीर खतरा
गुटखा में तंबाकू और निकोटीन के साथ सुपाड़ी, चूना, कत्था व अन्य मिश्रण शामिल होते हैं। इसके सेवन से मुंह, गले और भोजन नली के कैंसर का खतरा बढ़ता है। मुंह का कम खुलना, दांतों और मसूड़ों की बीमारी तथा हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत तंबाकू और निकोटीन को खाद्य पदार्थों में मिलाना प्रतिबंधित है। घर में बिना मानकों के तैयार किया गया अपमिश्रित गुटखा लोगों की जान से खिलवाड़ है और यह गंभीर आपराधिक कृत्य है।
पान मसाला और गुटखा में क्या अंतर
पान मसाला सामान्य रूप से सुपाड़ी, कत्था, चूना, इलायची और सुगंधित पदार्थों का मिश्रण होता है, जबकि गुटखे में इन चीजों के साथ तंबाकू और निकोटीन मिलाए जाते हैं। तंबाकू युक्त गुटखा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। हालांकि बिना तंबाकू वाला पान मसाला भी सुपाड़ी के कारण पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। दोनों उत्पादों का निर्माण और बिक्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने लिए नमूने
छापेमारी के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मौके से बरामद मिश्रित तंबाकू, कटी सुपाड़ी, तैयार पुड़िया और अन्य सामग्री के नमूने लिए हैं। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर मिलावट, प्रतिबंधित सामग्री और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़ी अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने सूचना पर अवैध रूप से संचालित गुटखा फैक्टरी पर छापा मारा था। यहां से मशीन व माल बरामद हुआ है। आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच कर रही है, अन्य संबंधित विभागों को भी सूचना दी गई है। -पलाश बंसल, एसपी