बांदा जिले में दहेज में बाइक व दो तोला जंजीर न मिलने पर ससुरालियों ने गर्भवती बहू को आग लगाकर जला दिया था। इस मामले में दोषी पति व सास को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने शुक्रवार को आजीवन कारावास सुनाया। साथ ही, अन्य धाराओं में सजा सहित 7-7 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी अदायगी न करने पर 6-6 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषियों को जेल भेज दिया गया। पैलानी थाना क्षेत्र के पैलानी डेरा निवासी मलखान सिंह निषाद ने तहरीर देकर 22 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने बेटी जयश्री की शादी 15 फरवरी 2003 को पैलानी डेरा निवासी राम सिंह निषाद के साथ की थी।
सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर अपनी लड़की को विदा किया था। दहेज से दामाद राम सिंह, सास सियादुलारी व ससुर राम खेलावन संतुष्ट नही थे। अतिरिक्त दहेज में एक मोटर साइकिल व दो तोला जंजीर की शर्त पूरी न करने पर उसकी लड़की को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। 27 मई 2007 को उसकी पुत्री को पीटकर घर से निकाल दिया था। उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद दोनों पक्षों में समझौता 10 जुलाई 2007 व 2 अप्रैल 2008 को हो गया। इसी बीच उसकी पुत्री ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद वह अपना मकान बनवा रहा था।