चिल्ला के चकला गांव में कार्रवाई के दौरान मौजूद तहसीलदार व अन्य अधिकारी
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चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन जून 2025 को तीन वर्षीय मासूम के अपहरण, बंधक बनाकर रखने, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी का घटना के 90 दिन बाद मकान ढहा दिया गया। उप जिला मजिस्ट्रेट पैलानी के आदेश पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में गांव स्थित घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इसके पूर्व उसके मकान में रखे सामान की सूची भी तैयार की गई।
चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी तीन वर्षीय मासूम के साथ तीन जून को गांव के ही सुनील निषाद ने दरिंदगी की थी। उसे टॉफी खिलाने के बहाने दोपहर करीब तीन बजे अपने घर ले गया था। वहां उसने दुष्कर्म किया था। उसके बाद उसे बर्फ रखने वाले बाक्स में रखकर गांव से करीब 10 किमी दूर जंगल में मरणासन्न अवस्था में फेंक आया था।
साइकिल और आरोपी के कपड़े में खून लगा होने से मासूम की मां और गांव वालों को शक हुआ था। तब रात करीब नौ बजे आरोपी के खिलाफ चिल्ला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर मासूम की तलाश की थी। तलाश के दौरान मासूम को 10 किमी जंगल से बरामद किया गया था। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी सुनील निषाद को चार जून की सुबह चार बजे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। मासूम को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज में पिडियाट्रिक सर्जन न होने पर उसे कानपुर हैलट अस्पताल रेफर किया गया था। यहां बच्ची के पिता ने पिडियाट्रिक सर्जन को ऑपरेशन करने से मना कर देने पर मासूम की 12 जून की रात एक बजे कानपुर हैलट में मौत हो गई थी। इस मामले की गूंज शासन स्तर तक गूंजी थी।
इस प्रकरण पर मंगलवार (दो सितंबर) को उप जिला मजिस्ट्रेट पैलानी अंकित वर्मा के आदेश पर धारा 67 के तहत बेदखली की कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील निषाद के घर में बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। एसडीएम पैलानी अंकित वर्मा ने बताया कि आरोपी सुनील निषाद का घर बुलडोजर से गिराया गया है। कार्रवाई से पहले पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में आरोपी के घर में रखे सामान की लिस्ट बनाई।
इस मौके पर एसडीएम के अलावा तहसीलदार राधेश्याम सिंह, नायब तहसीलदार जसपुरा वेद प्रकाश, सीओ सदर राजवीर सिंह गौर, चिल्ला थाना इंस्पेक्टर संदीप तिवारी, लेखपाल चिल्ला हरिओम आदि मौजूद रहे। गौरतलब हो कि आरोपी सुनील निषाद के पिता लोटन को अवैध कब्जा हटाने की नोटिस भी भेजा गया था।