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Banda: मरीजों के हक की सरकारी दवाएं कूड़े में फेंकी, डिप्टी सीएमओ ने कार्रवाई की बात कही

Mon, 31 Oct 2022 03:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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परसौड़ा गांव स्थित न्यू पीएचसी में कूड़े में फेंकी गईं दवाएं व सिरप - फोटो : अमर उजाला
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बांदा जिले के तिंदवारी में मरीजों के हक की सरकारी दवाएं कूड़े के ढेर में फेंक दी गईं। हैरत की बात यह है कि फेंकी गईं सरकारी दवाओं में कुछ ऐसे सिरप हैं, जो अभी एक्सपायर नहीं हैं। फिर भी इन्हें सफाई के नाम पर ठिकाने लगा दिया गया। डिप्टी सीएमओ ने जांच और कार्रवाई की बात कही है।

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यह लापरवाही परसौड़ा गांव स्थित न्यू पीएचसी में उजागर हुई। यहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी ने कुछ दवाएं पीएचसी के नजदीक कूड़े में फेंक दी। इनमें ज्यादातर मल्टी विटामिन सिरप थे। इसमें कुछ दवाएं और सिरप ऐसे हैं जिनकी एक्सपायरी तारीख नवंबर 2022 दर्ज है।

एक्सपायरी के एक माह पहले ही इन दवाओं व सिरप को मरीजों को बांटा जा सकता था। कुछ दवाओं पर एक्सपायरी तारीख अक्तूबर दर्ज है। ग्रामीणों की नजर पड़ गई और अधिकारियों से इस बर्बादी की शिकायत की है। फार्मासिस्ट पर दवाएं फेकने का आरोप लगाया है।

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फार्मासिस्ट अरविंद कुमार का कहना है कि पीएचसी की सफाई की गई है। फेंकी गई दवाओं की एक्सपायरी नजदीक है। इसलिए इन्हें फेंक दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रवि का कहना है कि दवा फेकने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उधर, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीएन यादव का कहना है कि अक्तूबर-नवंबर में एक्सपायर होने वाली दवाओं को इस्तेमाल में लिया जा सकता था। दवाओं को फेंकना गलत है। फार्मासिस्ट से जवाब मांगा जाएगा। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

बाहर की दवाएं लिखते, सरकारी नहीं बांटते
गांव के शिवकुमार, जय सिंह, दीपक, अशोक, संजय, अनुज, आलोक आदि ने बताया कि पीएचसी में रोजाना 30-40 मरीज इलाज को आते हैं। आरोप लगाया कि ज्यादातर को दवाएं बाहर की लिखी जाती हैं। इसी के चलते सरकारी दवाएं कम बंट रही हैं। नतीजे में एक्सपायरी के बहाने उन्हें फेंक दिया जाता  है। डीएम और सीएमओ से जांच और कार्रवाई की मांग की है। 
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