भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन गैंगस्टर, डकैती व अन्य मुकदमों में फरार है। भाई अभिषेक दुबे उर्फ जीतू भी धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित है। एसपी ने पिछले सप्ताह अनुराग दुबे व अभिषेक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी के लिए कई टीम लगाई गई हैं। उनके वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री ने जनपद न्यायायल में अभिषेक दुबे पर आपराधिक मुकदमे दर्ज न होने पर इनाम घोषित किए जाने का विरोध कर प्रार्थना पत्र दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट में भी पैरवी की गई। सुनवाई न होने पर अभिषेक दुबे की ओर से उनके वकील अभिषेक चौधरी, सर्वानंद दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में सात दिसंबर को याचिका दायर की।
14 दिसंबर को न्यायाधीश सूर्यकांत व जेबी परदीवाला की कोर्ट में सुनवाई हुई। दो न्यायाधीश की खंडपीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अभिषेक दुबे उर्फ जीतू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। धोखाधड़ी के तीनों मुकदमों में विवेचना जारी रख अभिषेक दुबे को पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है। तीनों मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट के अग्रिम आदेश तक चार्जशीट दाखिल करने पर भी रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेेश के गृह विभाग, एसपी फतेहगढ़, कोतवाल फर्रुखाबाद, वादी मोहन कुमार, शोभाराम, शशिप्रभा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।