कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में आउट सोर्सिंग के 219 पदों पर शुरू हुई भर्ती शुरुआत से ही विवादों में पड़ गई है। आवेदन करने के बाद कई अभ्यर्थियों को साक्षात्कार व अन्य प्रक्रिया के लिए बुलाया नहीं गया। कई अभ्यर्थियों ने सांसद व अधिकारियों से शिकायत की। इधर मामला बढ़ने पर प्राचार्य ने कंपनी से भर्ती प्रक्रिया अपनाने से लेकर अब तक की गई भर्ती का ब्योरा तलब कर भर्ती व नियुक्ति कराने पर रोक लगा दी है।
कॉलेज में स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर पर आउट सोर्सिंग से भर्ती कराने के निर्देश हुए थे। इस पर वेंडर के रूप में एक सिक्योरिटी गार्ड कंपनी का चयन किया गया। इस कंपनी ने मार्च माह में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन के लिए एक लिंक जारी कर दी गई। जैसे-जैसे अभ्यार्थियों को जानकारी होती गई वह भी लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते रहे। आवेदन के लिए 570 रुपये का शुल्क भी लिया गया।
इस तरह जिले से सैकड़ों बेरोजगार अभ्यर्थियों ने आवेदन किए। मगर अधिकांश लोगों को साक्षात्कार व अन्य प्रक्रिया के लिए बुलाया नहीं गया। कुछ अभ्यर्थियों का आरोप हैं कि साठगांठ कर कुछ मनमाफिक पदों पर नियुक्ति कर दी गईं। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों से भर्ती कराने के नाम रुपये भी मांगे गए। इस मामले की शिकायत कुछ अभ्यर्थियों ने अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले व अधिकारियों को पत्र भेज कर की। मामला संज्ञान में आने के बाद सांसद ने प्राचार्य से भर्ती प्रक्रिया को लेकर जानकारी की। साथ ही ब्योरा तलब किया है। इधर मामला संज्ञान में आने और लगातार आ रही शिकायतों को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भर्ती प्रक्रिया को रोकने के लिए न्यू पैंथर सिक्योरिटी कंपनी को पत्र लिखा है। साथ ही भर्ती हुए अभ्यर्थियों की नियुक्ति कराने पर रोक लगा दी है।
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इन पदों पर की जा रही भर्ती
मेडिकल कॉलेज में सिक्योरिटी कंपनी द्वारा लाइब्रेरियन, मेडिकल सोशल वर्कर, लीगल एडवाइजर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर, सोशल वर्कर, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर, ऑडियोलॉजिस्ट, डाइटीशियन, लैब टेक्नीशियन, स्पीच थेरेपिस्ट, अटेंडेंट, पेसेंट हेल्पर, ऑफिस ब्वाय, लैब अटेंडेंट, ऑफिस पीयून आदि।
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भर्ती प्रक्रिया अपनाने का मांगा ब्योरा
अलग-अलग पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया में सवाल उठने के बाद प्राचार्य ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि कंपनी से भर्ती प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें यह भी जानकारी मांगी गई है कि वह सेवा योजन पोर्टल पर पंजीकृत हैं कि नहीं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर किए प्रचार-प्रसार करने के लिए किस तरह का तरीका अपनाया। अब तक कितने लोगों को नियुक्त पत्र जारी किए गए हैं। बताया कि भर्ती नियम विरुद्ध नहीं होगी। पूरी नियम के तहत प्रक्रिया करें, अभ्यर्थी सारी आहर्ताएं पूरी करता है कि नहीं, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद ही अब आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।
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वर्जन...
भर्ती प्रक्रिया को लेकर मेरे पास शिकायत आई थी। कंपनी अनियमितता कर सहयोग नहीं कर रही है। कंपनी को शासन से कांट्रेक्ट मिला है। मनमानी से भर्ती कर रहे हैं। भर्ती करने की एक प्रक्रिया है। कंपनी को नोटिस जारी किया गया है, मामले की जांच भी कराई जा रही है। भर्ती प्रक्रिया भी रोक दी गई है। कंपनी ने कुछ अभ्यर्थियों को ज्वाइंनिंग लेटर जारी किए है, लेकिन मेरे द्वारा किसी को ज्वाइन नहीं कराया गया है। जब तक प्रक्रिया से भर्ती नहीं होगी तब मैं किसी को ज्वाइन नहीं कराऊंगा। - डॉ. सज्जन लाल वर्मा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज अकबरपुर।
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वर्जन...
मेडिकल काॅलेज में कुछ भर्तियां मेडिकल कालेज के प्राचार्य, उनके कुछ लोगों द्वारा कंपनी के माध्यम से की गई हैं। रुपये लेकर भर्ती करने व कुछ अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन करने के बाद बुलाए न जाने की शिकायत मुझसे की गई थी। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। साथ ही कुछ लोगों को गलत तरह से नियुक्ति दी गई है। इस पर प्राचार्य से सूची मांगी है। साथ ही पूरे प्रक्रिया की जांच कराने के लिए अधिकारियों व शासन को पत्र लिखा जाएगा। - देवेंद्र सिंह भोले सांसद, अकबरपुर