कानपुर देहात के रनियां थाने में पुलिस की पिटाई से व्यापारी बलवंत सिंह की मौत के मामले में रविवार को एसओजी में तैनात रहे निलंबित एक और सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया। शाम को रनियां पुलिस ने सिपाही को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया। शिवली के लालपुर सरैंया गांव निवासी व्यापारी बलवंत सिंह की सोमवार की रात रनियां थाने में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी।
मामले में एसओजी प्रभारी रहे प्रशांत गौतम, शिवली थाना प्रभारी राजेश सिंह, मैथा चौकी प्रभारी ज्ञानप्रकाश पांडेय, रनियां थानाध्यक्ष रहे शिवप्रकाश सिंह व सिपाही महेश गुप्ता व एक अज्ञात डॉक्टर और अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
रविवार को रनियां थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष प्रभाकर ने कस्बे से एसओजी में तैनात रहे निलंबित सिपाही अनूप को दबोच लिया। कन्नौज की एसआईटी टीम ने अनूप से पूछताछ की। शाम को पुलिस ने गुपचुप तरीके से सिपाही अनूप को न्यायाधीश के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस मामले निलंबित एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम, हेड कांस्टेबल सोनू यादव, दुर्वेश कुमार पहले ही पकड़े जा चुके हैं। एसपी सुनीति ने बताया कि पुलिस टीमें हत्यारोपियों की तलाश में प्रयागराज, कानपुर व इटावा में दबिशें दे रही हैं। एक टीम मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में भी गई है, हत्यारोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह यहीं के रहने वाले हैं।