कानपुर। पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। प्रदेश के सभी जिलों को दिल्ली से बैलेट पेपर लाने का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी नामित किए गए हैं। टीमें नवंबर में दिल्ली रवाना होंगी और एक करोड़ से अधिक बैलेट पेपर लाएंगी। इनमें प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम सदस्यों के मतपत्र होंगे।
पंचायत चुनाव 2026 में कराए जाने हैं। बैलेट पेपर की छपाई का जिम्मा आयोग ने दिल्ली की कंपनी मेसर्स कैपिटल बिजनेस सिस्टम को दिया है। बैलेट पेपर लाने के लिए जिला स्तर पर प्रभारी नामित हो चुके हैं। टीम में चकबंदी अधिकारी के साथ कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल होंगे। टीम फोर्स के साथ दिल्ली से बैलेट पेपर लाएगी। इसके लिए चार ट्रक और दो बसें लगाई जाएंगी। मतपत्र लाने के लिए 400 से अधिक बक्सों का प्रबंध किया जा रहा है। इस बार पंचायत चुनाव में 45 तरह के चुनाव चिह्न होंगे। इसमें चार, छह, नौ, 12, 18, 27, 36 और 45 चुनाव चिह्न वाले मतपत्र शामिल हैं। बता दें कि कई ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की संख्या अधिक हो जाने से चिह्न देने में परेशानी होती थी इसलिए इस बार चुनाव चिह्न अधिक और विभिन्न प्रकार होंगे।
प्रधान का हरा और जिला पंचायत सदस्य का गुलाबी होगा मतपत्र
पंचायत चुनाव में इस बार मतपत्र नहीं बदले गए हैं। वर्ष 2021 में प्रयोग किए गए रंगों के मतपत्र इस बार भी उपयोग किए जाएंगे। प्रधान का मतपत्र हरा और ग्राम सदस्य का सफेद रंग का है। क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए मतपत्र नीला और जिला पंचायत सदस्य के मतपत्र गुलाबी हैं।