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बारिश से हाहाकारः पलायन को मजबूर हुए कई परिवार, मौतों का सिलसिला जारी

Wed, 01 Aug 2018 05:35 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बारिश का बुरा असर
उत्तर प्रदेश में तेज बारिश का असर और बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह जलभराव से सड़कें उखड़ रही हैं। नेशनल हाईवे पर गड्ढों में पानी जमा होने की वजह हो रहे हैं है। जलभराव से अस्त-व्यस्त जनजीवन को लेकर कांग्रेस भाजपा सरकार को कोस रही है। 
 


 
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बारिश का बुरा असर
कानपुर में रेलवे स्टेशन शालिनी आजमगढ़ निवासी छात्र विभोर तिवारी का शव नाले से निकाला गया। कहा जा रहा है जलभराव की वजह से छात्र नाले में गिर गया होगा। हरबंश मोहाल थाने के पास हूलागंज में चौराहे के पास एक तीन मंजिला मकान गिरा है। मलबे में तीन लोगों के दबे होने की सूचना है।  नर्वल थाना क्षेत्र स्थित बांबी गांव में लगातार हो रही बारिश की वजह से मकान गिरा। जिसमें शैलेश कुशवाहा घायल हो गए। कई मवेशी मलबे में अभी भी दबे हैं। 

 
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बारिश का बुरा असर
चौबेपुर ब्लॉक इटरागांव में मक्का की फसल जलमग्न देख किसान को सदमा लग गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

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बारिश का बुरा असर
पनकी में घरों में पानी भर जाने की वजह से आक्रोशित लोगों ने पनकी हाईवे किया जाम। पनकी का सुंदर नगर इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। हंगामा कर रहे लोगों को हटाने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची। नगर निगम के अफसरों के आने के बाद लोगों ने जाम खोला। 
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बारिश का बुरा असर
सचेंडी थाना क्षेत्र के भौंती खेड़ा गांव मे बारिश का पानी भरने से पूरा गांव ही जलमग्न हो गया। लोग पलायन कर के जाने लगे। कुछ लोगों के फसे होने की सूचना ग्रामीणों ने मांगी थी। कोई सरकारी मदद नहीं मिली तो लोग गांव छोड़ने को मजबूर हो गए। मौके पर गई पुलिस की टीम भीषण जलभराव देखकर गांव के अंदर नहीं पहुंच सकी। 
 
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बारिश का बुरा असर
उधर, चित्रकूट जिले में बारिश से खराब हुई सड़कों को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाईवे पर बड़ी पुलिया के पास जलभराव वाली सड़कों पर कांग्रेसियों ने पौधे रोपे। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। 
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बारिश का बुरा असर
कानपुर देहात के बरौर गांव के ब्लॉक मलासा क्षेत्र के गौरा गांव में कच्चा मकान ढहने से मां और उसके बच्चे बाल-बाल बच गए। लेकिन इस दौरान तीन बकरियां मर गईं। 
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बारिश का बुरा असर
कानपुर देहात के ही आदर्श ग्राम बरईगढ़ की गलियां पानी से लबालब भरी हैं। इस गांव का विकास तब बोल उठा जब गरीब किसान की भैंस गांव किनारे ही बने नाले में बही जा रही थी। भैंस को ट्रैक्टर में बांधकर निकालने का प्रयास किया गया। 
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