इटावा के लवेदी पांच नकाबपोश बदमाशों ने शनिवार रात लवेदी थाने के एक गांव की 11 वर्षीय बालिका को उसके घर से अगवा कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की। इस बीच बच्ची भी बदमाशों को चकमा देकर बच निकली। पुलिस ने चार घंटे बाद बीहड़ में रोती मिली बच्ची का मेडिकल कराया है। वारदात के पीछे आपसी रंजिश का पता चला है। पिता की तहरीर पर लवेदी थाने के नवादा खुर्दकला गांव के पांच लोगों के खिलाफ अपहरण और एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बच्ची के माता-पिता शनिवार रात गांव में ही एक शादी समारोह में गए थे। घर पर बालिका और उसकी 10 साल की छोटी बहन ही थीं। रात करीब नौ बजे पांच नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और बालिका को उठाकर बीहड़ की ओर ले गए। छोटी बहन ने पड़ोस में रहने वाले ताऊ हरिश्चंद्र को घटना बताई। हरिश्चंद्र ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। जानकारी होते ही एसएसपी शिवहरी मीना, एएसपी राम किशुन यादव, सीओ भरथना शिव राज के अलावा आसपास के थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। तुरंत पूरे क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी गई।
पुलिस को रात करीब ढाई बजे बालिका बीहड़ में रोते मिली। उसने बताया कि बदमाश नशे में थे। एक बदमाश पानी लेने गया तो वह मौका पाकर भाग निकली। बालिका के पिता ने नवादा खुर्दकला गांव के सनी पुत्र मुनेंद्र सिंह, छोटे पुत्र राम जी सिंह चौहान, पुष्पेंद्र पुत्र रामवीर सिंह, रिशू पुत्र मचल सिंह और लल्ला पुत्र बृजपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। एसएसपी शिव हरी मीना ने बताया कि पांचों आरोपियों की तलाश की जा रही है। शुरुआती जांच में बालिका के चचेरे भाई से इन लोगों की रंजिश का पता चला है।