भगवान बुद्घ के अनुयायियाें ने धम्म चेतना यात्रा के समापन पर खुलकर प्रदेश की सरकार अाैर पूर्व सरकाराें पर हमला बाेला। संताें ने कहा कि अगर वाकई में प्रदेश काे उत्तम बनाना है ताे गंजेड़ियाें की सरकार बदल दाे। संत पंडितानंद ने बाेला कि सपा, बसपा सरकार ने प्रदेश काे गंजेड़ियाें की सरकार बना दी। यह प्रदेश का दुर्भाग्य है। बाेले दलिताें अाैर पिछड़ाें के लिए हमने अपना घराें से हाथी अाैर साइकिल निकालकर दी, लेकिन हर किसी ने हमलाेगाें काे धाेखा ही दिया।
जिससे उम्मीद नहीं थी उसने कर दिया कारनामा
संत शांति मित्र ने कहा कि हमने सबकाे देख लिया था, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। लेकिन जिससे हमें उम्मीद नहीं थी, उसने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर अाैर भगवान बुद्घ का संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित कर सम्मानित करने का काम किया। अागे बाेलते हैं कि विश्व में धर्म निरपेक्षता जैसा कुछ भी नहीं है। भगवान बुद्घ अहिंसा के पुजारी थे लेकिन उन्होंने उग्रवाद, आतंकवाद के खात्मे के लिए हिंसा को अपनाने का संदेश भी दिया है। संत पंडितानंद ने तो यहां तक कह दिया कि बौद्घ अनुयायी खून खराबा नहीं चाहते लेकिन जरूरी हुआ तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।
हाथी मतवाला हाे गया
संत आर्यवंश ने कहा कि प्रदेश का हाथी मतवाला हो गया है और साइकिल के जरिये लोगों को घायल किया जा रहा है। इन्हें रोका नहीं गया तो प्रदेश तहस नहस हो जाएगा। बौद्घ संतों के साथ अमित शाह ने भी कहा कि भगवान बुद्घ अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्होंने युद्घ को स्वीकारा था।